गोरखपुर और कुशीनगर में बाढ़ से 35 से अधिक गांव प्रभावित
गोरखपुर में राप्ती और सरयू नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे 35 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कुशीनगर में एपी बांध टूटने से कई गांवों में पानी घुस गया है और लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे हैं।
गोरखपुर/कुशीनगर। पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गोरखपुर में राप्ती और सरयू नदियों के उफान से करीब 35 गांव प्रभावित हैं। वहीं कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते दबाव के बीच एपी तटबंध टूटने से कई गांवों में पानी घुस गया है। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
गोरखपुर में राप्ती-सरयू का जलस्तर बढ़ा
गोरखपुर जिले में नेपाल और महराजगंज की ओर से आ रहे पानी के कारण राप्ती नदी में तेजी से उफान आया है। वहीं बड़हलगंज क्षेत्र में राप्ती के साथ सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ने से कछार इलाके के गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कई स्थानों पर घरों और संपर्क मार्गों तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से नावों की व्यवस्था की गई है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों को जरूरी सामान साथ रखने और जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है।
कुशीनगर में एपी तटबंध टूटने से संकट
कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र में नारायणी नदी के तेज दबाव के कारण एपी तटबंध में कटान के बाद बड़ा हिस्सा टूट गया। इसके बाद बाढ़ का पानी आसपास के गांवों में तेजी से फैलने लगा। शुरुआती तौर पर कई गांवों में पानी घुसने की सूचना मिली, जबकि बाद में प्रभावित गांवों की संख्या और बढ़ी।
तटबंध टूटने के बाद प्रशासन और आपदा राहत दलों ने बचाव अभियान शुरू किया। ग्रामीणों को नावों और अन्य साधनों से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्य में पानी के तेज बहाव के कारण चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
राहत-बचाव कार्य जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं। राहत सामग्री पहुंचाने के साथ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कुशीनगर में एपी तटबंध की मरम्मत और कटान रोकने के लिए भी काम जारी है।
लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच दोनों जिलों में ग्रामीणों से सतर्क रहने और नदी तथा बाढ़ के पानी के नजदीक न जाने की अपील की गई है। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य लोगों और पशुओं को सुरक्षित निकालना तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत उपलब्ध कराना है।
कोई भी पंक्ति चुनकर उसे उद्धरण के रूप में भी शेयर कर सकते हैं।
संबंधित खबरें
प्रशासन और योजनाएँ
NewsDesk
देवरिया में दीपावली से पहले जाम की समस्या बढ़ी, ठेलों और वाहनों से यातायात प्रभावित
देवरिया जिले के लार कस्बे में दीपावली और छठ पर्व के चलते जाम की समस्या बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने ठेलों औ…
प्रशासन और योजनाएँ
NewsDesk
देवरिया के सलेमपुर में सड़क टूटी, स्थानीय लोगों ने मरम्मत की मांग की
देवरिया के आदर्श नगर पंचायत सलेमपुर के पूर्वी इचौना वार्ड में सड़क मोड़ के पास टूट गई है, जिससे राहगीरों और व…
कृषि और मंडी
NewsDesk
देवरिया में जलभराव से परेशान किसानों ने लगाया जाम, अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन
देवरिया में लगातार बारिश के बाद जलभराव की समस्या को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों ने महुआनी तिराहे पर सड़क जा…
प्रशासन और योजनाएँ
NewsDesk
देवरिया: तेज हवा और बारिश से पांडेय चक उपकेंद्र की बिजली ठप
देवरिया जिले के रामपुर कारखाना अंतर्गत पांडेय चक उपकेंद्र क्षेत्र में तेज हवा और बारिश के कारण बिजली के तार ट…