मुख्य सामग्री पर जाएँ
खबर, आँकड़े और विश्लेषण
Advertisement

आजमगढ़ में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू, कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह 6:05 से 6:38 बजे

आजमगढ़ में शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होगा। इस दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करेंगे। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 से 6:38 बजे तक रहेगा।

R Raghvendraसत्यापित पत्रकार 2 मिनट में पढ़ें
आजमगढ़ में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू, कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह 6:05 से 6:38 बजे

आजमगढ़। जिले में शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होगा। नवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक पर्व के दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिरों और घरों में नवरात्रि की तैयारियां की जा रही हैं।

सुबह 6:05 से 6:38 बजे तक कलश स्थापना

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। दी गई जानकारी के अनुसार, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 बजे से 6:38 बजे तक निर्धारित है। इस दौरान श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर मां दुर्गा का आह्वान करेंगे और पूजा-अर्चना के साथ नवरात्रि का शुभारंभ करेंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। भक्त घरों में पूजा स्थल की साफ-सफाई कर कलश स्थापना, दीप प्रज्ज्वलन और दुर्गा सप्तशती के पाठ के साथ आराधना शुरू करते हैं।

नौ दिनों तक होगी मां दुर्गा की आराधना

शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन नौ दिनों में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना का विधान है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना करते हैं।

मंदिरों में तैयारियां शुरू

नवरात्रि को देखते हुए आजमगढ़ में धार्मिक स्थलों और घरों में तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालु पूजा सामग्री, कलश, नारियल, चुनरी, फूल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था में जुटे हैं। पर्व के दौरान मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ जुटने की संभावना है।

नवरात्रि का पर्व धार्मिक आस्था, भक्ति और शक्ति की उपासना का प्रतीक माना जाता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना के बाद विजयादशमी का त्योहार मनाया जाता है।

नोट: कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। पूजा से पहले स्थानीय पंचांग या पुरोहित से समय की पुष्टि कर लें।

खबर काम की लगी? अपने लोगों तक पहुँचाएँ।

कोई भी पंक्ति चुनकर उसे उद्धरण के रूप में भी शेयर कर सकते हैं।

WhatsApp
और पढ़ें

संबंधित खबरें

देवरिया में दीपावली से पहले जाम की समस्या बढ़ी, ठेलों और वाहनों से यातायात प्रभावित प्रशासन और योजनाएँ NewsDeskसत्यापित पत्रकार
देवरिया

देवरिया में दीपावली से पहले जाम की समस्या बढ़ी, ठेलों और वाहनों से यातायात प्रभावित

देवरिया के सलेमपुर में सड़क टूटी, स्थानीय लोगों ने मरम्मत की मांग की प्रशासन और योजनाएँ NewsDeskसत्यापित पत्रकार
देवरिया

देवरिया के सलेमपुर में सड़क टूटी, स्थानीय लोगों ने मरम्मत की मांग की

देवरिया में जलभराव से परेशान किसानों ने लगाया जाम, अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन कृषि और मंडी NewsDeskसत्यापित पत्रकार
देवरिया

देवरिया में जलभराव से परेशान किसानों ने लगाया जाम, अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन

देवरिया: तेज हवा और बारिश से पांडेय चक उपकेंद्र की बिजली ठप प्रशासन और योजनाएँ NewsDeskसत्यापित पत्रकार
देवरिया

देवरिया: तेज हवा और बारिश से पांडेय चक उपकेंद्र की बिजली ठप