गाजीपुर में पुरुषों और महिलाओं में शराब सेवन दोगुना हुआ, सोनभद्र अव्वल
गाजीपुर जिले में पिछले पांच वर्षों में पुरुषों में शराब सेवन की दर 10.5 से बढ़कर 20.7 प्रतिशत हो गई है, जबकि महिलाओं में यह दर 0.2 से बढ़कर 0.4 प्रतिशत हुई है।
गाजीपुर। पूर्वांचल के गाजीपुर जिले में पिछले पांच वर्षों के दौरान शराब सेवन करने वाले पुरुषों और महिलाओं का प्रतिशत दोगुना हो गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में पुरुषों के बीच शराब सेवन की दर 10.5 प्रतिशत से बढ़कर 20.7 प्रतिशत पहुंच गई है। वहीं, महिलाओं में यह आंकड़ा 0.2 प्रतिशत से बढ़कर 0.4 प्रतिशत हो गया है। इस बदलाव ने जिले में नशे के बढ़ते चलन और उसके सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
आंकड़ों के मुताबिक, पांच साल के अंतराल में पुरुषों में शराब सेवन की दर में 10.2 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, महिलाओं में यह वृद्धि 0.2 प्रतिशत अंक रही है। दोनों वर्गों में दर्ज यह बढ़ोतरी बताती है कि इस अवधि में शराब सेवन का चलन पहले की तुलना में बढ़ा है।
पुरुषों में तेजी से बढ़ा शराब सेवन
गाजीपुर में पुरुषों के बीच शराब सेवन की दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां यह आंकड़ा 10.5 प्रतिशत था, वहीं अब बढ़कर 20.7 प्रतिशत हो गया है। यानी अब उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में पांच साल पहले की तुलना में पुरुषों में शराब सेवन की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो गई है।
इस बदलाव के पीछे सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों की भूमिका हो सकती है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में वृद्धि के कारणों का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।
महिलाओं में भी बढ़ा आंकड़ा
शराब सेवन के आंकड़ों में महिलाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। पांच वर्ष पहले यह दर 0.2 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 0.4 प्रतिशत हो गई है। प्रतिशत के लिहाज से यह दोगुनी वृद्धि है। हालांकि, महिलाओं में शराब सेवन का कुल अनुपात अभी भी पुरुषों की तुलना में काफी कम है।
सोनभद्र में सबसे अधिक शराब सेवन
क्षेत्रीय आंकड़ों में सोनभद्र जिले को शराब सेवन के मामले में अव्वल बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सोनभद्र के पुरुषों और महिलाओं के अलग-अलग प्रतिशत का विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में गाजीपुर और सोनभद्र के बीच वास्तविक अंतर का आकलन करने के लिए विस्तृत आंकड़ों की जरूरत होगी।
स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
शराब का बढ़ता सेवन केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित मुद्दा नहीं है। इसका असर परिवार, आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक शराब का सेवन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके साथ ही परिवारों में आर्थिक दबाव और घरेलू तनाव जैसी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, नशे से संबंधित समस्याओं को कम करने के लिए जागरूकता, समय पर परामर्श और जरूरत पड़ने पर उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
जागरूकता और रोकथाम की जरूरत
गाजीपुर में शराब सेवन की दर में हुई वृद्धि के आंकड़े नशे की रोकथाम के प्रयासों पर ध्यान देने की जरूरत दर्शाते हैं। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, युवाओं के बीच नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी और जरूरतमंद लोगों के लिए परामर्श सेवाएं महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
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