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ओवैसी ने योगी को संभल और अखिलेश को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की सलाह दी

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को संभल से और अखिलेश यादव को गोरखपुर से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए।

N NewsDeskसत्यापित पत्रकार एडिटर 3 मिनट में पढ़ें
ओवैसी ने योगी को संभल और अखिलेश को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की सलाह दी

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अलग-अलग विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। ओवैसी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को संभल से और अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव मैदान में उतरना चाहिए।

योगी और अखिलेश के बीच सियासी बयानबाजी पर तंज

ओवैसी की यह टिप्पणी योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच आई है। दोनों नेताओं के बीच जारी राजनीतिक खींचतान पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने इसे 'नूरा कुश्ती' करार दिया। उनका आरोप है कि भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव के बावजूद जनता से जुड़े कई अहम मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है।

ओवैसी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव को अपने-अपने जनाधार पर भरोसा है, तो उन्हें एक-दूसरे के प्रभाव वाले क्षेत्रों में जाकर चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी AIMIM और स्थानीय मतदाता दोनों नेताओं को चुनाव में चुनौती दे सकते हैं।

संभल और गोरखपुर को लेकर क्यों दिया सुझाव?

ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ने की सलाह देते हुए वहां के मतदाताओं के सामने सरकार के कामकाज का जवाब देने की बात कही। वहीं, अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी के राजनीतिक फैसलों और उसके विकास संबंधी दावों पर सवाल उठाए।

गौरतलब है कि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख क्षेत्र रहा है। वह गोरखपुर लोकसभा सीट से कई बार सांसद रह चुके हैं। दूसरी ओर, संभल को समाजवादी पार्टी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में गिना जाता है। ऐसे में ओवैसी का यह बयान दोनों प्रमुख नेताओं को उनके पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से बाहर चुनौती देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

2027 के चुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा, समाजवादी पार्टी और AIMIM समेत विभिन्न राजनीतिक दल अपनी रणनीति को लेकर सक्रिय हैं। ओवैसी ने इस बयान के जरिए भाजपा और सपा दोनों पर निशाना साधा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुस्लिम मतदाताओं के प्रति रवैये और राज्य में विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

हालांकि, योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के संभल तथा गोरखपुर से चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल ओवैसी का यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत में नई चर्चा का विषय बन गया है।

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