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बलिया के डॉ. प्रेम प्रकाश को पेरोवस्काइट सोलर सेल पर शोध के लिए अनुदान मिला

बलिया जिले के गोंहिया छपरा निवासी डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह को मशीन लर्निंग आधारित सौर ऊर्जा अनुसंधान परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद से वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई है।

N NewsDeskसत्यापित पत्रकार एडिटर 2 मिनट में पढ़ें
बलिया के डॉ. प्रेम प्रकाश को पेरोवस्काइट सोलर सेल पर शोध के लिए अनुदान मिला

रानीगंज (बलिया)। जिले के बैरिया तहसील अंतर्गत गोंहिया छपरा गांव निवासी डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह ने विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में जिले का मान बढ़ाया है। प्रयागराज विश्वविद्यालय में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह को मशीन लर्निंग आधारित सौर ऊर्जा अनुसंधान परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीएसटीयूपी), लखनऊ की ओर से वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

डॉ. सिंह की इस शोध परियोजना को स्वीकृति मिलना उनके वैज्ञानिक एवं शोध कार्यों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। परियोजना की अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है। इसके तहत मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सौर ऊर्जा से संबंधित अनुसंधान किया जाएगा।

वर्तमान समय में ऊर्जा की बढ़ती मांग और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए सौर ऊर्जा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मशीन लर्निंग आधारित अनुसंधान सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित करने में सहायक हो सकता है। इस प्रकार के शोध से सौर ऊर्जा प्रणालियों के बेहतर उपयोग, उनके प्रदर्शन में सुधार और ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद प्रदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शोध परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसी क्रम में डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह की परियोजना को मिली स्वीकृति विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है।

डॉ. सिंह की इस उपलब्धि की जानकारी मिलने पर गोंहिया छपरा गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। क्षेत्रवासियों, शुभचिंतकों और परिचितों ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनका शोध कार्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उपयोगी साबित होगा और भविष्य में समाज तथा देश को इसका लाभ मिलेगा।

ग्रामीण परिवेश से निकलकर उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह की इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है।

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