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मऊ में आशा वर्करों ने 26 हजार रुपये मानदेय की मांग की, हड़ताल की चेतावनी

मऊ में आशा वर्करों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 26 हजार रुपये मानदेय, नियमित भुगतान और अन्य मांगें रखीं, अन्यथा अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।

N NewsDeskसत्यापित पत्रकार एडिटर 2 मिनट में पढ़ें
मऊ में आशा वर्करों ने 26 हजार रुपये मानदेय की मांग की, हड़ताल की चेतावनी

मऊ। जिले में आशा वर्करों ने अपने मानदेय में बढ़ोतरी और भुगतान की व्यवस्था नियमित करने की मांग को लेकर आवाज उठाई है। आशा वर्करों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपकर न्यूनतम 26 हजार रुपये मानदेय देने सहित अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगी।

आशा वर्करों का कहना है कि वे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल, संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूकता, बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी सरकारी कार्यक्रमों में उनकी अहम भागीदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाले मानदेय और भुगतान की व्यवस्था को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

26 हजार रुपये मानदेय देने की मांग

ज्ञापन के माध्यम से आशा वर्करों ने मांग की कि उन्हें प्रतिमाह 26 हजार रुपये मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने भुगतान नियमित रूप से सुनिश्चित करने और अन्य लंबित मांगों का समाधान करने की अपील की। उनका कहना है कि काम के अनुरूप उचित मानदेय मिलने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और वे अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकेंगी।

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

आशा वर्करों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द कार्रवाई करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर सकती हैं।

आशा वर्करों के इस रुख से स्वास्थ्य विभाग के सामने उनकी मांगों पर विचार करने की चुनौती खड़ी हो गई है। हालांकि, ज्ञापन पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया गया है और हड़ताल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल आशा वर्करों की प्रमुख मांग 26 हजार रुपये मासिक मानदेय, नियमित भुगतान और अन्य समस्याओं का समाधान है।

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