वाराणसी में अनंत सिंह का काफिला यूपी पुलिस ने रोका, प्रयागराज की ओर बढ़ा
मोकामा विधायक अनंत सिंह का काफिला वाराणसी में हरसेवानंद स्कूल के पास यूपी पुलिस ने रोका। पुलिस ने बिना अनुमति कार्यक्रम का हवाला देकर उन्हें शहर में प्रवेश नहीं करने दिया, जिसके बाद वे प्रयागराज के लिए रवाना हुए।
वाराणसी। बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह का काफिला शुक्रवार, 6 नवंबर को वाराणसी पहुंचा, जहां उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें शहर में प्रवेश करने से रोक दिया। पुलिस ने हरसेवानंद स्कूल के पास उनके काफिले को रोककर बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने और बड़ी संख्या में वाहनों के साथ शहर में प्रवेश करने पर आपत्ति जताई। काफी देर तक पुलिस अधिकारियों और अनंत सिंह के बीच बातचीत हुई। इसके बाद अनंत सिंह वाराणसी में रुके बिना प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह पटना से अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के बेटे के शादी समारोह में शामिल होने के लिए प्रयागराज जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने की योजना बनाई थी। इसके लिए उनके कार्यक्रम में वाराणसी में रुकने का भी प्लान था।
हरसेवानंद स्कूल के पास पुलिस ने रोका काफिला
अनंत सिंह का काफिला जैसे ही वाराणसी पहुंचा, पुलिस ने हरसेवानंद स्कूल के पास उसे रोक लिया। मौके पर रामनगर और लंका थाने की पुलिस मौजूद थी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना प्रशासनिक अनुमति के बीएचयू में माल्यार्पण का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता। साथ ही, 100 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ शहर में प्रवेश करने की भी अनुमति नहीं दी गई थी।
पुलिस अधिकारियों ने अनंत सिंह को समझाया कि वे निर्धारित मुख्य मार्ग से भदोही होते हुए प्रयागराज जा सकते हैं। इस दौरान कुछ देर तक बातचीत और बहस की स्थिति बनी रही।
महामना मालवीय की प्रतिमा पर नहीं चढ़ा सके फूल
अनंत सिंह की योजना बीएचयू जाकर महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर फूल चढ़ाने की थी, लेकिन प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण उनका यह कार्यक्रम रद्द हो गया। लंका चौराहे के पास उनके स्वागत के लिए समर्थक भी इंतजार कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि सामने घाट पर भी उनके स्वागत की तैयारी की गई थी। हालांकि, पुलिस की रोक के बाद अनंत सिंह ने वाराणसी शहर में प्रवेश करने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया।
डाफी से प्रयागराज के लिए हुए रवाना
पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद अनंत सिंह का काफिला वाराणसी शहर में प्रवेश किए बिना आगे बढ़ गया। डाफी इलाके में हाईवे पर कुछ समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे बिना महामना मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किए प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
पटना से प्रयागराज तक रास्ते में हुआ भव्य स्वागत
गौरतलब है कि अनंत सिंह शुक्रवार सुबह पटना से 100 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ प्रयागराज के लिए निकले थे। रास्ते में बिहटा, आरा, बक्सर, मोहनिया और चंदौली समेत कई स्थानों पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया।
आरा में समर्थकों ने जेसीबी मशीन से फूल बरसाए, जबकि बक्सर में उन्हें चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया। जगह-जगह स्वागत कार्यक्रमों के कारण उनका काफिला निर्धारित समय से करीब तीन घंटे देरी से आगे बढ़ा।
अनंत सिंह की यह यात्रा एक निजी शादी समारोह में शामिल होने के लिए थी, लेकिन उनके विशाल काफिले और रास्ते में हुए स्वागत समारोहों के कारण यह यात्रा बिहार और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गई।
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