मुख्य सामग्री पर जाएँ
खबर, आँकड़े और विश्लेषण
Advertisement

पं. दीनदयाल उपाध्याय की रहस्यमयी मौत पर अदालत का 283 पन्नों का फैसला

पं. दीनदयाल उपाध्याय की रहस्यमयी मौत के मामले में अदालत ने 283 पन्नों के फैसले में जांच पर सवाल उठाए, चोरी में एक आरोपी को चार साल की सजा दी और हत्या के आरोप में दो को बरी कर दिया।

N NewsDeskसत्यापित पत्रकार एडिटर 2 मिनट में पढ़ें
पं. दीनदयाल उपाध्याय की रहस्यमयी मौत पर अदालत का 283 पन्नों का फैसला

वाराणसी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की रहस्यमयी मौत से जुड़े मुकदमे में वाराणसी की अदालत ने 283 पन्नों का फैसला सुनाया था। यह फैसला बनारस कचहरी के लाल भवन में न्यायाधीश मुरलीधर की अदालत में सुनाया गया। अदालत ने हत्या के आरोप में पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर आरोपियों को इस आरोप से बरी कर दिया, जबकि चोरी के मामले में भारत को दोषी ठहराते हुए चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।

मुगलसराय यार्ड में मिला था शव

पंडित दीनदयाल उपाध्याय 10-11 फरवरी 1968 की रात लखनऊ से पटना जा रहे थे। ट्रेन के मुगलसराय पहुंचने के बाद उनका शव रेलवे यार्ड में बिजली के खंभे के पास मिला था। उस समय वे भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। शव मिलने के बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल उठे और मामले की जांच पहले स्थानीय पुलिस, फिर यूपी सीआईडी और बाद में सीबीआई को सौंपी गई।

दो आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट

सीबीआई ने मामले में भारत लाल डोम और राम अवध बनिया के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अभियोजन के अनुसार दोनों आरोपी काशी से ट्रेन में सवार हुए थे। जांच में यह दावा किया गया कि ट्रेन में विवाद के बाद दीनदयाल उपाध्याय को चलती ट्रेन से नीचे धक्का दिया गया और बाद में उनका सामान भी हटा दिया गया।

हालांकि, अदालत के फैसले में हत्या का आरोप साबित नहीं हो सका। अदालत ने चोरी के आरोप में भारत को दोषी माना और चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

आज भी चर्चा में है मौत का रहस्य

अदालती फैसले के बावजूद दीनदयाल उपाध्याय की मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल लंबे समय तक चर्चा में रहे। बाद में केंद्र सरकार ने मामले की जांच के लिए न्यायमूर्ति वाई.वी. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया था। आयोग ने भी मौत की परिस्थितियों को रहस्यमयी बताया था।

खबर काम की लगी? अपने लोगों तक पहुँचाएँ।

कोई भी पंक्ति चुनकर उसे उद्धरण के रूप में भी शेयर कर सकते हैं।

WhatsApp
और पढ़ें

संबंधित खबरें

धनतेरस पर वाराणसी और बलिया में बाजारों में बढ़ी रौनक व्यापार NewsDeskसत्यापित पत्रकार
वाराणसी

धनतेरस पर वाराणसी और बलिया में बाजारों में बढ़ी रौनक

आजमगढ़, बलिया और गाजीपुर में अर्नब तूफान से धान की फसल को नुकसान कृषि और मंडी NewsDeskसत्यापित पत्रकार
आज़मगढ़

आजमगढ़, बलिया और गाजीपुर में अर्नब तूफान से धान की फसल को नुकसान

वाराणसी से दिल्ली के बीच 31 अक्टूबर को शुरू होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन प्रशासन और योजनाएँ NewsDeskसत्यापित पत्रकार
वाराणसी

वाराणसी से दिल्ली के बीच 31 अक्टूबर को शुरू होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

योगेंद्र यादव ने चुनाव आयोग से प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पूछे 7 सवाल राजनीति NewsDeskसत्यापित पत्रकार
वाराणसी

योगेंद्र यादव ने चुनाव आयोग से प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पूछे 7 सवाल