अखिलेश यादव का भाजपा पर आरोप, उत्तर प्रदेश में लाखों फर्जी वोट बने
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने विधानसभा सीटों पर सपा मतदाताओं के नाम कटवाए और फर्जी नाम बढ़वाए हैं।
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की विभिन्न विधानसभा सीटों पर सपा समर्थक मतदाताओं के नाम कटवाए गए हैं, जबकि फर्जी नाम मतदाता सूची में शामिल कराए गए हैं।
अखिलेश यादव के मुताबिक, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का असर चुनावी प्रक्रिया पर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में सपा का प्रभाव है, वहां पार्टी समर्थकों के नाम हटाने और नए नाम जोड़ने की गतिविधियां हुई हैं। उनके दावे के अनुसार, प्रदेश में लाखों फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं।
एसआईआर प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
सोमवार, 12 अक्टूबर को लखनऊ में समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के बाद अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाना और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना होना चाहिए था, लेकिन उनके अनुसार कई विधानसभा क्षेत्रों में अब भी दोहरे और संदिग्ध नाम मौजूद हैं।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने कई विधानसभा क्षेत्रों में कथित फर्जी मतदाताओं के नामों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन नामों की सूची सार्वजनिक करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में राजनीतिक पक्षपात हो रहा है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
अखिलेश यादव ने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटाया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए मतदाता सूची में बदलाव किए जा रहे हैं। हालांकि, ये आरोप सपा अध्यक्ष के दावे हैं और लाखों फर्जी मतदाताओं की मौजूदगी की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ सकती है सियासी बहस
उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रही है, जबकि लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पक्ष का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
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